वीपीएन का इस्तेमाल क्यों शुरू करें?

यश जैनCyber Security1 Comment

वीपीएन का इस्तेमाल क्यों शुरू करें?

वे दिन गए जब इंटरनेट गोपनीयता से यही समझा जाता था कि दरवाजे बंद करके इंटरनेट पर सर्फिंग करना और आपको कोई देख नहीं रहा हो। इंटरनेट दिन पर दिन खुला होता जा रहा है। इसने हैकर्स, इन्टरनेट सेवा प्रदाता, गूगल और फेसबुक जैसी सेवाओं को क्लिक से लेकर  प्रश्नों की खोज तक आपकी सभी गतिविधियों पर नज़र रखने में सक्षम बनाया है। वीपीएन अंतिम समाधान नहीं है, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा है कि वीपीएन केवल व्यवसायों और बड़े संगठनों के लिए है। आज कोई भी व्यक्ति वीपीएन का इस्तमाल कर सकता है और इसके निशुल्क और सशुल्क टूल्स उपलब्ध है।

ये वीपीएन क्या है?

वीपीएन का मतलब है वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क। यह मूल रूप से दो कंप्यूटर जो भले ही असुरक्षित और सार्वजनिक नेटवर्क से जुड़े हो उन्हें इंटरनेट पर एक सुरक्षित चैनल से जोड़ता है। यह क्लाइंट सर्वर आर्किटेक्चर पर काम करता है, जहां हम क्लाइंट होते हैं और वीपीएन सर्वर। यहां एनक्रिप्शन और सुरक्षित सुरंग (secure tunneling) के द्वारा आदान प्रदान की हुई जानकारी को कोई देख नहीं सकता। जिस जानकारी कि हम बात कर रहे हैं उसमें आपके वेब ट्रैफिक, वेबसाइट्स, पासवर्ड, यूज़रनेम और आईपी एड्रेस शामिल है।

आमतौर पर एक इंटरनेट मॉडल में, आईएसपी और आईपी एड्रेस के द्वारा आप नेटवर्क पर सर्वर से सीधे रूप से बातचीत करते हैं जो आपको आपके आईएसपी द्वारा आवंटित  किया गया है। यह आईपी एड्रेस से आपका आसानी से पता लगाया जा सकता है। वीपीएन क्या करता है कि वह आपके और इंटरनेट के बीच में बिचौलिए का काम करता है। सबसे पहले ट्राफिक वीपीएन सर्वर पर जाता है और वीपीएन सर्वर वेबसाइट से अनुरोध करता है, अंततः जो आईपी एड्रेस इंटरनेट पर पहुंचा है वह वीपीएन सर्वर का है, आपका नहीं।

आपको कैसा लगेगा अगर फेसबुक, गूगल, टि्वटर जैसी कंपनियां आपके पास में खड़े होकर आपके साथ सर्फिंग कर रही हो और यह देख पा रही हो कि आप कहाँ-कहाँ क्लिक करते हैं और क्या सर्च करते है? खौफनाक? वास्तविकता में आपका स्वागत है। हाँ, यही वास्तविकता है और आप इसका सामना कर रहे हैं। सर्वर आपकी गतिविधियों की लॉगिंग कर रहे हैं भले ही आप गुप्त या इन्कोग्निटो ब्राउज़िंग मोड में हो।

आपको वीपीएन का उपयोग क्यों करना चाहिए?

आज आप जो भी काम कर रहे हैं, हैक होने की संभावना को टाला नहीं जा सकता है। आपको हैकर्स की अवैध गतिविधियों या वेबसाइटों/वेब सर्वरों द्वारा साधारण लॉगिंग से सुरक्षित रहने की आवश्यकता है। बहुत सारी बुनियादी कमज़ोरियां हैं जिन्हें आप केवल एक वीपीएन का उपयोग करके स्वयं को सुरक्षित कर सकते हैं। आपको वीपीएन का उपयोग क्यों करना चाहिए इसकी सूची यहां दी गई है:

  • आप अपनी ऑनलाइन गोपनीयता के बारे में चिंतित है, कौन सी जानकारी ऑनलाइन वेबसाइट और आपके आईएसपी तक जाती है।
  • आप अपनी ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और चाहते हैं कि यूज़रनेम/पासवर्ड की चोरी या उसका शिकार नहीं हो जाए।
  • आप अपनी पहचान बचाने के लिए आईपी एड्रेस के साथ अपना स्थान यानी लोकेशन नहीं देना चाहते हैं।
  • आप नहीं चाहते कि कोई भी सर्च इंजन आपकी सभी सर्च हिस्ट्री और सत्रों (sessions) को रिकॉर्ड करें।
  • आप होटल और अपने हॉस्टल में वाईफाई हॉटस्पॉट, सार्वजनिक वाईफाई आदि का इस्तेमाल करते हैं।
  • आप ऐसी सेवाओं का उपयोग करना चाहते हैं जो केवल यूएस, यूके या कुछ अन्य देशों में ही सुलभ है।
अब आपको वीपीएन कैसे मिलेगा?

जहां तक निजता की सीमा का सवाल है, भारत में इसके बारे में अभी तक कोई कानून नहीं है। 2017 में उच्चतम न्यायालय की संवैधानिक बेंच ने न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टास्वामी (सेवानिवृत्त) और अन्य बनाम भारतीय संघ और अन्य में संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत निजता के अधिकार को माना है। वीपीएन के सशुल्क संस्करण (paid versions) और निशुल्क संस्करण (free versions) भी उपलब्ध है। किसी भी सेवा का चुनाव आप पर निर्भर करता है। यहां एक सूची है जो हमें बहुत हद तक अच्छी लगी।


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