ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स बनाम सहायक आयकर आयुक्त

यश जैनCase SummaryLeave a Comment

ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स बनाम सहायक आयकर आयुक्त

ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स बनाम सहायक आयकर आयुक्त
[2013] ITAT 3783

आयकर अपीलीय अधिकरण दिल्ली पीठ ‘सी’, नई दिल्ली
ITA 173/Del/2011, आंकलन वर्ष: 2006-07
श्रीमान सी एम् गर्ग (न्यायिक सदस्य) और श्रीमान एस वी मेहरोत्रा (प्रशासनिक सदस्य) के समक्ष
निर्णय दिनांक: 15 मार्च 2013

मामले की प्रासंगिकता: क्या LAN और WAN एक कंप्यूटर नेटवर्क का हिस्सा हैं?

सम्मिलित विधि और प्रावधान

  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (धारा 2(i), 2(j))

मामले के प्रासंगिक तथ्य

  • AO ने देखा कि सम्पति के ब्लॉक में “कंप्यूटर” के खंड में LAN और WAN की ₹9,34,62,000/- की खरीदी की गई है और निर्धारिती ने LAN, WAN को कंप्यूटर का एक अभिन्न अंग मानते हुए 60% की कटौती का दावा किया था।
  • AO ने निर्धारिती के इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा कि LAN और WAN व्यवसाय में काम आने वाली मशीनें हैं, जो विशेष रूप से केवल बैंकिंग व्यवसाय के लिए बनाई गई हैं और कंप्यूटर के रूप में कार्य नहीं कर सकते हैं। इसलिए, उन्होंने केवल 20% मूल्यह्रास की अनुमति दी।

अधिवक्ताओं द्वारा प्रमुख तर्क

  • LAN यानी लोकल एरिया नेटवर्क एक से अधिक कंप्यूटर को आपस में जोड़ता है जिससे की डेटा और जानकारी का आदान प्रदान हो सकें। जबकि WAN इससे अधिक क्षेत्र तक पहुचने के लिए एक से अधिक LAN को जोड़ता है।
  • आईटी एक्ट की धारा 2(i) और 2(j) जो क्रमशः “कंप्यूटर” और “कंप्यूटर नेटवर्क” को परिभाषित करती है, इन धाराओं को ध्यान में रखते हुए LAN और WAN नि:संदेह कंप्यूटर के ही अंग है।

न्यायपीठ की राय

विद्वान आयकर आयुक्त (अपील) ने निम्नलिखित फैसलों को देखते हुए निर्धारिती की अपील को अनुमति दी:

  1. सीआईटी बनाम बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (दिल्ली उच्च न्यायालय): जिसमें यह बात सामने आई कि कंप्यूटर के सहायक उपकरण जैसे प्रिंटर, स्कैनर और सर्वर आदि कंप्यूटर सिस्टम के अभिन्न अंग है क्योंकि उन्हें कंप्यूटर के बिना उपयोग नहीं किया जा सकता हैं।
  2. डीसीआईटी बनाम डेटाक्राफ्ट इंडिया लिमिटेड (आईटीएटी विशेष पीठ, मुंबई): यह स्पष्ट है कि LAN और WAN दोनों कंप्यूटर सिस्टम के अभिन्न अंग हैं क्योंकि इन उपकरणों के बिना कंप्यूटर को व्यवसाय में काम में नहीं लिया जा सकता है। इसलिए वह 60% मूल्यह्रास का हकदार है।

अन्तिम निर्णय

  • विद्वान आयकर आयुक्त (अपील) के आदेश की पुष्टि की जाती है।
  • इस विशेष मुद्दे के लिए अपील को खारिज कर दिया गया।

इस केस के सारांश को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें |  | To read this case summary in English, click here.

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