कंप्यूटर और इंटरनेट सदाचार

यश जैनCyber Security, LawLeave a Comment

कंप्यूटर और इंटरनेट सदाचार
कंप्यूटर और इंटरनेट सदाचार

कंप्यूटर और इंटरनेट सदाचार

जब हम सदाचार की बात करते हैं तब हम किसी व्यक्ति या समूह के रवैयें, मूल्यों, विश्वास और आदतों का उल्लेख करते हैं। इस शब्द की भावना सीधे तौर पर नैतिकता शब्द से संबंधित है क्योंकि नैतिकता का अध्ययन ही सदाचार है।

 

 

कंप्यूटर सदाचार का अर्थ

यह कोई पुराना शब्द नहीं है। 1960  तक कंप्यूटर सदाचार जैसा कुछ नहीं था। 70 के दशक के मध्य में वाल्टर मेनर ने “कंप्यूटर सदाचार” शब्द की शुरुआत की जिसका अर्थ है “कंप्यूटर तकनीक द्वारा बढ़ाई गई, परिवर्तित एवं बनाई गई नैतिक समस्याएं।” विनर और मूर ने उनकी किताब में भी कंप्यूटर सदाचार पर कहा कि कंप्यूटर सदाचार स्वास्थ्य, धन, अवसर, स्वतंत्रता, लोकतंत्र, ज्ञान, सुरक्षा, गोपनीयता, आत्म पूर्ति इत्यादि जैसे मानवीय मूल्यों पर सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावों का विश्लेषण एवं पहचान करता है। 1990 से इस शब्द का महत्व बढ़ गया है। सरल शब्दों में, कंप्यूटर सदाचार नैतिक सिद्धांतों का एक समूह है जो कंप्यूटर के उपयोग को नियंत्रित करता है।

समस्याएँ

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कंप्यूटर एक प्रभावी टेक्नोलॉजी है और यह घुसपैठ, धोखा, गोपनीयता का उल्लंघन, साइबर बुलिंग, साइबर स्टॉकिंग, मानहानि, बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे अनेक मुद्दों को जन्म देता है। इंटरनेट या कंप्यूटर में नैतिकता को समझना और बनाए रखना इस चरण पर अति आवश्यक है। कंप्यूटर तकनीक को कैसे इस्तेमाल किया जाना चाहिए, इसके बारे में नीतियों या नियमों के अभाव के कारण नैतिकता से संबंधित एक विशिष्ट समस्या उत्पन्न होती है। यह समय की मांग है कि देश में इस समस्या से संबंधित सख्त कानून होना चाहिए।

सभी के लिए इंटरनेट नैतिकता 
  1. हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि इंटरनेट केवल हमारे समाज का एक प्राथमिक हिस्सा है,  इससे कोई अलग चीज़ नहीं है।
  2. हमें इंटरनेट पर लिखने से पहले सूचना की संवेदनशीलता को समझना चाहिए क्यूंकि यहाँ कोई राष्ट्रीय या सांस्कृतिक सीमाएँ नहीं है।
  3. जैसे हम हमारी निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को नहीं देते हैं वैसे ही यह जानकारियां पब्लिक नेटवर्क पर अपलोड नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका दुरुपयोग हो सकता है।
  4. ईमेल, चैटिंग, ब्लॉगिंग, सोशल नेटवर्किंग आदि का उपयोग करते समय असभ्य या बुरी भाषा के उपयोग से बचें।
  5. सामने वाले व्यक्ति का सम्मान करें। किसी भी कॉपीराइट वाली सामग्री को डाउनलोड, कॉपी या दूसरों के साथ साझा नहीं करना चाहिए।
कंप्यूटर सदाचार

द कंप्यूटर एथिक्स इंस्टिट्यूट, जो कि एक निर्लाभ-संस्था है, ने निम्नलिखित दस सदाचारों का उल्लेख किया है:

  1. आप अन्य लोगों को नुकसान पहुँचाने के लिए कंप्यूटर का उपयोग नहीं करेंगे।
  2. आप दूसरों के कंप्यूटर के कार्य में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
  3. आप दूसरों के कंप्यूटर की फाइलों में नहीं झाकेंगें।
  4. आप चोरी करने के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
  5. आप झूठी गवाही देने के लिए कंप्यूटर का उपयोग नहीं करेंगे।
  6. आप ऐसा सॉफ्टवेर (proprietary software) जिसके लिए आप ने भुगतान नहीं करा है उसको कॉपी या उसका इस्तेमाल नहीं करेंगे।
  7. आप अनुमति या उचित क्षतिपूर्ति के बिना अन्य लोगों के कंप्यूटर  संसाधनों का उपयोग नहीं करेंगे।
  8. आप अन्य लोगों के बौद्धिक उत्पाद को ज़ब्त नहीं करेंगे।
  9. आप जो प्रोग्राम लिख रहे हैं या जो सिस्टम आप डिज़ाइन कर रहे हैं, उसके सामाजिक परिणामों के बारे में सोचेंगे।
  10. आप हमेशा एक कंप्यूटर का इस्तेमाल इस तरह से करेंगे की आपके साथ मनुष्यों की मान्यता और उनके सम्मान को सुनिश्चित करेंगे।

कंप्यूटर और इंटरनेट दोनों ही सभी के लिए समय प्रभावी उपकरण हैं। यह आपके विकास की संभावनाओं को बढ़ा सकता है। इंटरनेट पर कई ऐसी जानकारियां हैं जो आपको सीखने में मदद कर सकती है। दूसरों का शोषण करने की बजाय उन जानकारियों का अन्वेषण करें।


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