रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड बनाम डीसीआईटी

यश जैनCase SummaryLeave a Comment

रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड बनाम डीसीआईटी

रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड बनाम डीसीआईटी
आयकर अपीलीय अधिकरण, कोलकाता बेंच
आयकर अपील 1738/Kol/2009, 1926/Kol/2010 & 519/Kol/2011
श्रीमान महावीर सिंह (न्यायिक सदस्य) और श्रीमान एम. बालगणेश (प्रशासनिक सदस्य) के समक्ष
निर्णय दिनांक: 13 अप्रैल 2016

मामले की प्रासंगिकता: क्या एटीएम “कंप्यूटर” की परिभाषा के अंतर्गत आता है?

सम्मिलित विधि और प्रावधान

  • आयकर अधिनियम, 1961 (धारा 32(1))
  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (धारा 2(i))

मामले के प्रासंगिक तथ्य

  1. निर्धारिती बैंक नीदरलैंड में निगमित है और दुनिया भर के कई देशों  में यह अनेक शखाओं से बैंक का सञ्चालन करता है।
  2. भारत में, निर्धारिती (शखाएं/स्थायी प्रतिष्ठान) भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची के अनुसार अनुसूचित बैंक के रूप में रजिस्टर्ड है।
  3. दोहरा कराधान अपवंचन समझौता (Double Taxation Avoidance Agreement, DTAA) के अनुच्छेद 7 के अनुसार विदेशी उद्यम को उनके भारत में स्थायी प्रतिष्ठान से हुए मुनाफे पर टैक्स लगता है।
  4. चूँकि निर्धारिती का एक स्थायी प्रतिष्ठान भारत में है इसलिए उसे उसके द्वारा हुए मुनाफे पर टैक्स देना होगा।
  5. निर्धारिती पर 36.5925% का टैक्स लगाया गया।
  6. हालाँकि, AO ने यह निर्धारित किया है कि निर्धारिती एक अनिवासी विदेशी कंपनी है, प्रासंगिक वित्त अधिनियम के अनुसार लागू कर की दर 40% के साथ अधिभार होगी। पहली अपील में आयकर आयुक्त (अपील) द्वारा इस कार्रवाई को सही ठहराया गया था।

न्यायपीठ की राय

  • यह बेंच को प्रस्तुत किया गया था कि प्रत्येक एटीएम के अंदर एक कंप्यूटर होता है जो किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इस्तमाल किये जाने वाले कंप्यूटर से कुछ खास अलग नहीं है। लेकिन किसी व्यक्ति को बैंक के एटीएम नेटवर्क से जोड़ने और उसके खाते की जानकारी तक पहुंचने का मूल कार्य एटीएम द्वारा किया जाता है और एटीएम में उपयोग किया जाने वाला सॉफ्टवेयर भी वही सॉफ्टवेयर है जिसका उपयोग कंप्यूटर में किया जाता है।
  • पीठ ने डीसीआईटी बनाम डेटाक्राफ्ट इंडिया लिमिटेड (2010) 40 SOT 295 के मामले पर विचार किया, जिसमें मुंबई ट्रिब्यूनल की विशेष पीठ ने एक समान मुद्दे का निपटारा किया था। इस मामले ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 में दिए गए “कंप्यूटर” की परिभाषा पर चर्चा की और कहा कि राउटर और स्विच को कंप्यूटर सिस्टम का एक हिस्सा माना जाता है। विशेष पीठ ने कंप्यूटरों पर 60% मूल्यह्रास दर की अनुमति दी।
  • तदनुसार, एटीएम मशीन को एक कंप्यूटर के रूप में माना जा सकता है।

अन्तिम निर्णय

  • AO को एटीएम पर 60% मूल्यह्रास दर की अनुमति देने का निर्देश दिया गया है।

इस केस के सारांश को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें |  | To read this case summary in English, click here.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *